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59+ Best Gulzar shayari | गुलजार साहब की मशहूर शायरियां Hindi poetry

59+ Best Gulzar shayari | गुलजार साहब की मशहूर शायरियां Hindi poetry


दोस्तों आज के समय में गुलजार जी को कौन नहीं जानता, गुलजार साहब भारतीय सिनेमा जगत के एक मशहूर गीतकार तथा विश्व प्रसिद्ध है शायर और लेखक के रूप में प्रसिद्ध है

Gulzar sahab द्वारा लिखित गल्जे और शायरियां विश्व प्रसिद्ध है जो हर एक व्यक्ति के मुंह में हमेशा रहती है
गाय और बोलि जाती हैं गुलजार साहब की रचनाएं उर्दू और पंजाबी में है परंतु इन्होंने अपनी रचनाएं ब्रजभाषा, खड़ी बोली, मारवाड़ी और हरियाणवी में भी अपनी कई रचनाएं लिखी जो आज के समय में काफी प्रचलित है


आज हम गुलजार साहब द्वारा लिखित लोकप्रिय शायरियां आप सभी के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं आशा करता हूं आपको हमारा यह पसंद आएगा..


Gulzar shayari on Zindagi


काली अंधेरी रातों में,

चाँदनी का उज्जवलित पहरा हूँ मैं!!



काश़ इंसान भी नोटों की तरह होते हैं, 

रोशनी की तरफ़ करके देख लेते असली है या नक़ली !!



सबको मेरा साथ अच्छा लगता है 

ए किस्मत कभी तु भी मेरा साथ दिया कर !!



वक्त से जरा पूछकर बताना . . 

जख्म क्या वाकई भर जाते हैं !!



नसीब वालों को ही मिलते हैं

फिक्र करने वाले....



मुझे रिश्तो की लंबी कतारो से मतलब नही..

कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है.. !!



मेरे मरने के बाद उफ़ वो भी क्या नज़ारे होंगें,

कुछ ज़बरदस्त तो कुछ ज़बरदस्ती रो रहे होंगें..



वही हक़दार हैं किनारों के,

जो बदल दें बहाव धारों के..



ना रूठने का डर ना मनाने की कोशिश,

दिल से उतरे हुए लोगों से शिकायत कैसी !



हर रोज किसी नए से मिलता हूं मैं,

मगर आज भी तुम पुराने नहीं होते!❣️



मिलावट का दौर है, साहब

हाँ में हाँ मिला दिया करो,

संबंध लंबे समय तक टिकेंगे।



मन के जंगल मे जब लग गई हो आग,

तो शहरों की तबाहियां दिखाई नही देती !!



कश्तियाँ तरस रही किनारों के लिए 

समंदर कहता है अभी मन नही भरा !!



पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना . . 

मैं समंदर हूं लौटकर जरूर आऊंगा !!



सब गुनाहगार हैं कुदरत के कत्ल में 

यूँ ही ये हवाएं जहरीली नहीं हुईं..



झूठ और सच की तकरार अब रहने दो, 

कुछ पल की हैं जिन्दगी बस साथ रहने दो !!



कमियाँ ढूँढते है लोग मुझमें ऐसे 

खुद के किरदार में खुदा हो जैसे ".



वो कहते हैं हम उनकी झूठी तारीफ़ करते हैं,

ऐ ख़ुदा एक दिन आईने को भी ज़ुबान दे दे



तमन्नाओं के बहलावे में अक्सर आ ही जाते है

 कभी हम चोट खाते है , कभी हम मुस्कराते है ..



मरीज़ दर्द मै सहने का बन बैठा था 

किस्मत का खेल था, मोहरा उसका मै था



चार दिन की ज़िन्दगी, मैं किस से कतरा के चलूँ,

ख़ाक़ हूँ, मैं ख़ाक़ पर, क्या ख़ाक़ इतरा के चलूँ?


Gulzar shayari on ishq


दिल मुकर जाता है तुम्हें भुलाने से, 

एक उम्मीद उसमें छुपी आज भी है.. !!



किसी को फिर भी महँगे लग रहे थे,

फ़क़त साँसों का ख़र्चा था हमारा !!


तेरे फैसले पर सवाल ना उठाऊं . . 

यही मेरा इश्क़ है ....



फर्क़ था हम दोनों की मोहब्बत में 

मुझे उससे ही थी, और उसे मुझसे भी थीं !!



एेसा नहीं कि तेरी जगह कोई और आ गया . .

 लेकिन तेरा मुकाम अब तेरा भी ना रहा



इबादत एक मुकाम तक ले जाती है, 

आगे दीवानगी रास्ता दिखाती है !!



वो जिन्हें मिलना नहीं होता,

वो फिर मिलते ही क्यों हैं...



मेरी न सही तो

तेरी होनी चाहिए ...

तमन्ना किसी एक की

बस पूरी होनी चाहिए......!!



कुछ भी झूठा हो सकता है,

मगर अकेले में बहाये गए आँसू नहीं..



आओ ना मुकाबला-ए-इश्क़ करें....

हारें तो आप हमारे, जीते तो हम तुम्हारे....



यूँ तो मुझे बदनामी अपनी अच्छी नही लगती,

 मगर लोग तेरे नाम से छेड़ें तो बुरा नही लगता!!



जो नज़र मेरी नज़र को अपनी नज़र में रखती थी सुबह शाम, 

उस नज़र को लगी नज़र ये बस मेरी नज़र को नज़र आता है



देखकर तुझे सिगरेट बुझा दी

और इस लड़के से

कितनी इज्जत चाहिए तुझे..



नुमाइश करने से चाहतें बढ़ नहीं जाती..

मोहब्बत तो वो भी करते है जो इज़हार नहीं करते...।।



सुकून है तेरी बाहों में 

खुदको कैद करवाना !!



मुकम्मल इश्क़ की तलबगार नहीं है आंखे, 

थोड़ा थोड़ा ही सही 

बस रोज तेरे दीदार की चाहत है.. !!



मैं लम्हों में तुमसे..

सदियों सी मोहोब्बत कर लूँगी



लगा कर सीने से तुम्हें..

शिकायतें सारी दूर कर दूँगी..!!!



क्यों छुपाते हो,

क्यों इनकार करते हो,

तुम्हरी आंखें केहती हैं,

तुम भी प्यार करते हो।।



ये दूरियां तो मिटा दूँ मैं एक पल में मगर,

कभी कदम नहीँ चलते तो कभी रास्ते नहीं मिलते।।


उम्र का कब दिल..ख़्याल करता है,

इश्क़ तो..बस कमाल करता है, 

तू तो बस..दिल जवान रख अपना,

देख फिर..दिल क्या धमाल करता है.!!



आजमा कर हमें हर बार छोड़ दिया गया है 

दिल हे या खिलौना हरबार तोड़ दिया गया है



विचित्र है ना समय, 

जहाँ दूरियाँ ही दवा बन गईं..



आजकल बेरोजगार बैठे हैं,

कहो तो तुमसे मोहब्बत कर लें,,



तुम क्या मिले जाने जाँ प्यार जिंदगी से हो गया 

ज़िंदगी की हर शह पर ऐतबार हो गया..



हादसा किसी रोज़ दिल दहलाने वाला होगा मेरे साथ,

आप फ़क़्त तस्वीर देख कर घबरा गए है!!



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